उज्जैन घटिया , उज्जैनिया रिपोर्ट (रघुवीर सिंह पंवार ) – तीस वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा देकर देश की रक्षा करने वाले AIG सुबेदार जितेंद्र सिंह सिसोदिया अब अपने पैतृक गाँवठिकाना उज्जैनिया में 02/03/2025/को लौट रहे हैं। यह केवल एक सैनिक की घर वापसी नहीं, बल्कि पूरे गाँव के लिए गर्व, सम्मान और आनंद का क्षण है। जिन्होंने अपने जीवन के तीन दशक मातृभूमि की रक्षा में समर्पित किए, अब अपने गाँव की सोंधी मिट्टी की खुशबू को महसूस करेंगे।
जो भरा नहीं है भावों से, जिसमें बहती रसधार नहीं।
वह हृदय नहीं पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।।
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तीस वर्षों का बलिदान, कर्तव्य और गौरव
जितेंद्र सिंह सिसोदिया ने सेना में अपने तीन दशकों की सेवा के दौरान अनगिनत चुनौतियों का सामना किया। कभी बर्फीली पहाड़ियों पर, कभी तपते रेगिस्तान में, तो कभी दुश्मन की गोलियों के सामने—हर परिस्थिति में वे अडिग रहे। उन्होंने कई सैन्य अभियानों में भाग लिया, सीमा पर दुश्मनों का सामना किया और अपने साथियों के लिए प्रेरणा बने। वे केवल एक सैनिक नहीं, बल्कि मातृभूमि के सच्चे रक्षक हैं, जिन्होंने अपने परिवार और सुख-सुविधाओं को पीछे छोड़कर राष्ट्र सेवा को सर्वोपरि रखा।
गाँव में उत्सव जैसा माहौल
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उनकी घर वापसी की खबर से पूरा गाँव उत्साहित है। चौपाल पर हर ओर यही चर्चा है—“हमारा वीर जवान, हमारा भाई, मित्र और बेटा गाँव लौट रहा है।” गाँववासियों ने उनके स्वागत के लिए भव्य तैयारियाँ की है, बच्चे फूल बरसाने को तैयार हैं और गाँव के बुजुर्ग उनका आशीर्वाद देने के लिए उत्सुक हैं।
जितेंद्र सिंह सिर्फ अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गाँव के लिए आदर्श हैं। उनके संघर्ष और सेवा ने युवाओं को प्रेरित किया है कि “देश सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं।” उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्चा सम्मान धन या पद से नहीं, बल्कि सेवा और त्याग से मिलता है।
सम्मान में
वीर सपूत का स्वागत
तीस बरस तक जिसने,
देश की सेवा की।
हर संकट में रहकर,
माँ की रक्षा की।
अब लौटा है गाँव में,
सम्मान संग प्यार लिए।
मिट्टी की महक संग,
सपनों के दीये लिए।
सिर झुका के नमन करें,
इस वीर जवान को।
भारत माँ के सच्चे लाल को,