1 मार्च 2025
देश और मध्यप्रदेश में सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की अनिवार्य समीक्षा की जानी चाहिए। पूरे सप्ताह के कार्यों का रिकॉर्ड देखा जाए और जो अधिकारी या कर्मचारी अयोग्य, लापरवाह या भ्रष्ट पाए जाएँ, उनकी सेवाएँ तत्काल समाप्त की जाएँ।
हर स्तर पर कठोर कार्यवाही जरूरी
यह मांग सिर्फ प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि इसे केंद्र से लेकर पंचायत स्तर तक लागू किया जाना चाहिए।
- जो अधिकारी ईमानदारी और मेहनत से काम कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए।
- नए योग्य चेहरों को अवसर मिले, ताकि सरकारी तंत्र में निष्पक्षता और पारदर्शिता लाई जा सके।
- विभागों में जवाबदेही तय हो, जिससे आम जनता को राहत मिले और सरकारी सेवाएँ प्रभावी बन सकें।
जनता का आक्रोश और उम्मीदें
जनता अब ढीले-ढाले और भ्रष्ट सरकारी तंत्र से तंग आ चुकी है। फाइलों को दबाने, रिश्वतखोरी और देरी करने वालों को बाहर निकालने का समय आ गया है। यदि सरकार जल्द कोई सख्त कदम नहीं उठाती, तो जनता सड़कों पर उतरकर इस मुद्दे को और जोर-शोर से उठाएगी।
👉 क्या प्रशासन में नई क्रांति आएगी? क्या सरकार इस कठोर फैसले को लागू करेगी? यह देखने की बात होगी!