आज के कड़वे संवाद[५-६-२६]

पीएम मोदी के राज खुले ,त्याग पत्र देना ही होगा, मोदी का अंहकार तथा सारे षड्यंन्त्र नाकाम

पीएम मोदी , अमित शाह तथा ज्ञानेश खुमार की गिरफ्तारी होगी , एइमान्द भी होगा

मणीपुर में अमित शाह का विरोध , जनता सडको पर, पुलिस ने फायरिंग की, ३ की मोत

मोहन भागवत का ब्यान , देश में नये, पीएम की जरूरत , भाजपा में कोहराम, भाजपा समर्थित , सभी सांसद मोदी के खिलाफ

नाजी सरकार ,काक्रोच पार्टी के जंक , अभिजितदीपके की गिरफ्तारी करने की योजना में, १ करोड़ युवा दिल्ली घेरेगें, मोदी अमित शाह के पसीने निकले

काकरोच

पार्टी के समर्थन में जनता

१५ लाख करोड़ का अभियुक्त , राजेश भाई , मोदी का कृपापात्र

देश के अनेक , राज्यों में तूफ़ान तथा भारी वर्षा

देश में आपात काल की घोषणा तथा राष्ट्रपतिशासन अनिवार्य, नाजी सरकार तुरंत भंग करे .महामहिम

राह्त्र का संचालन सेना करे, सीडीएस केयर टेकर पीएम बनाये जाये=

आर्बीआय का ब्यान , मंहगाई,५% से अधिक होगी= पीएम के काले काण्ड खुल रहे

राजस्थान के सांगानेर की जनता के हाथो में जुते चप्पल सीएम शर्मा बेचेन

प्रदेश में सड़क एवं परिवहन नेटवर्क निर्माण के साथ हरित विकास को दिया जा रहा बढ़ावा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : शुक्रवार, जून 5, 2026,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को पर्यावर्णीय संवेदनशीलता और दीर्घकालिक सतत विकास की अवधारणा के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता आधुनिक सड़क एवं परिवहन नेटवर्क के निर्माण के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या बायपास परियोजना इस सोच का उदाहरण है, जहाँ विकास और पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परियोजना के दौरान 7,871 वृक्षों की कटाई की प्रतिपूर्ति के लिये लगभग 10 गुना अधिक अर्थात 80 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगभग 10 हजार पौधे लगाकर इसे एक हरित कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावर्णीय संतुलन को सुदृढ़ करने के साथ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को भी नया आयाम प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बेहतर सड़क अधोसंरचना का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसी विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देना है जो आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्यों को भी पूरा करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अयोध्या बायपास परियोजना प्रदेश में सतत एवं समावेशी विकास के मॉडल के रूप में स्थापित होगी तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य शासन द्वारा परियोजना के विभिन्न पहलुओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने शुक्रवार को मुख्य सचिव कार्यालय में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य सचिव श्री जैन ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, उन्नयन एवं विस्तार कार्यों की स्थिति की समीक्षा करते हुए परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान भोपाल की महत्वपूर्ण अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में अयोध्या बायपास की डिज़ाइन क्षमता लगभग 40 हजार वाहन प्रतिदिन की है, जबकि इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 45 हजार वाहनों का आवागमन हो रहा है। भोपाल के तेजी से हो रहे शहरीकरण और आसपास विकसित हो रहे नए आवासीय क्षेत्रों के कारण यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में बायपास का चौड़ीकरण न केवल यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि यह राजधानी क्षेत्र की भावी आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलित मॉडल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन को मूर्त रूप देते हुए अयोध्या बायपास परियोजना के अंतर्गत व्यापक पौधरोपण एवं हरित विकास योजना तैयार की गई है।

परियोजना के दौरान 7,871 वृक्षों की कटाई की प्रतिपूर्ति के लिये लगभग 10 गुना अधिक अर्थात 80 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। इनमें से लगभग 10 हजार पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे, जिससे यह मार्ग भविष्य में एक आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा। इसके अतिरिक्त झिरनिया एवं झगरिया खुर्द क्षेत्रों में लगभग 70 हजार पौधों के रोपण की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। आगामी मानसून में प्रस्तावित यह व्यापक पौधरोपण अभियान भोपाल क्षेत्र में हरित आवरण के विस्तार और पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पौधों के संरक्षण, देखभाल एवं अनुरक्षण की जिम्मेदारी आगामी 15 वर्षों तक एनएचएआई द्वारा वहन की जाएगी। इसके लिए लगभग 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक अधोसंरचना निर्माण और पर्यावरणीय दायित्व एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं।

नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता

मुख्य सचिव श्री जैन ने अयोध्या बायपास परियोजना में भोपाल की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के लिए की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की। मुख्य सचिव श्री जैन को अवगत कराया गया कि एनएचएआई और भोपाल नगर निगम के बीच निरंतर समन्वय स्थापित कर कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें पाइप लाइन शिफ्टिंग सहित सभी तकनीकी कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाएंगे। नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों की निगरानी में कार्य संपादित किए जाने से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान नागरिकों को पेयजल आपूर्ति संबंधी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में बताया गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा एनएचएआई द्वारा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क, आर्थिक गतिविधियों, निवेश, पर्यटन तथा औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन अधोसंरचना के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रकृति मित्र बनकर धरती माता का आंगन हरा-भरा रखने के लिए लगायें पेड़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : शुक्रवार, जून 5, 2026,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें भविष्य के लिए सचेत हो जाने का संकेत देता है। यह दिवस याद दिलाता है कि हमें अपना और अपनी पीढ़ियों के भविष्य को बचाये रखने के लिये पेड़ लगाने होंगे, पानी बचाना होगा, प्रदूषण कम करना होगा, तभी हमारी यह धरती बची रहेगी। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति का मित्र बनना होगा। हम यदि आज नहीं संभले तो जलवायु परिवर्तन से हमारे अस्तित्व पर संकट का खतरा मंडराने लगेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से कहा कि अपनी धरती माता का आंगन स्वच्छ एवं हरा-भरा रखने के लिए हम सब कम से कम एक-एक पेड़ अवश्य लगायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपेक्स बैंक परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान अंतर्गत आम का पौधा भी रोपा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘बिना सहकार, नहीं उद्धार’ का नारा उदघोष करते हुए कहा कि हम प्रदेश में सहकारिता से समृद्धि लाने के लिए प्रयासरत है। दूध का उत्पादन बढ़ाकर हम किसानों, पशुपालकों का जीवन सँवारेंगे और मध्यप्रदेश को देश की “मिल्क कैपिटल” बनायेंगे। अपेक्स बैंक द्वारा प्रदेशव्यापी हरित सहकार अभियान चलाया जा रहा है। इसमें ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत अपेक्स बैंक मुख्यालय सहित प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंक एवं प्रत्येक प्राथमिक साख सहकारी समिति (पेक्स) में सघन पौधरोपण महाभियान चलाया जा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शुक्रवार को अपेक्स बैंक के नेतृत्व में प्रदेश भर में एक साथ 1 लाख पौधे लगाये गये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सरकार के एक विशेष प्रावधान के बारे में कहा कि अगर प्राथमिक सहकारी समिति (पेक्स) में कोई अधिकारी-कर्मचारी गड़बड़ी करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समिति के सदस्य किसानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। सोसाइटी पर नहीं दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई होगी। वह सोसायटी पहले की तरह संचालित रहे, इसके लिए सभी तरह के प्रबंध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में हमारा प्रयास है कि वर्ष का अंत (फसल ऋण आदि लेने की अवधि) 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई तक कर दी जायेगी, ताकि किसान लोन डिफाल्टर न हो पायें और अपना सालाना टर्न ओवर पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल पूरे कर लिए हैं। उनके नेतृत्व में केन्द्र सरकार के ‘सुशासन से लोक कल्याण’ का 13वां साल शुरू हो चुका है। इसी उपलक्ष्य में हमने ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान’ शुरू किया है। उन्होंने कहा कि 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) से 21 जून (विश्व योग दिवस) तक पूरे एक पखवाड़े के दौरान प्रदेश की सभी सहकारी समितियों के माध्यम से एक लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश “मिल्क कैपिटल” बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। प्रदेश के किसान दूध उत्पादन में अपनी समृद्धि का मार्ग खोज रहे हैं। दूध उत्पादन से किसानों का आय में वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध का उत्पादन 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों का प्रतिफल सामने आने लगा है। मध्यप्रदेश में इन दिनों दूध का प्रतिदिन संकलन 13 लाख लीटर बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात के आणंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (अमूल) ने सहकारिता के मंत्र से किसानों को समृद्ध किया। अमूल ने पारम्परिक दुग्ध उत्पादन से इतर समृद्धि का एक नया मॉडल दुनिया को दिया। हमारी सरकार भी सांची दुग्ध उपक्रम से दूध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में कभी दूध-दही की नदियाँ बहती थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती में गौमाता का विशेष महत्व है। हम गौ संरक्षण और उन्नत गौवंश के पालन को प्रोत्साहित कर रहे है। हमारी सरकार उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी सभी जरूरी सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ देने के लिए शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में जल्द ही शुगर फैक्ट्री स्थापित की जायेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना से प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने की ओर आगे बढ़ रही है। प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में बिजली प्रदाय की जा रही है। इस वर्ष गेहूं उत्पादन और उपार्जन में मध्यप्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश सरकार ने पिछली बार के 78 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले वर्ष 2026 में 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा है। किसानों को एमएसपी पर प्रति क्विंटल 40 रुपए बोनस देकर 2625 रुपए भुगतान किया है। किसानों को सोयाबीन फसल पर भावांतर भुगतान का भी लाभ दिया गया है। हमारी सरकार का प्रयास है कि हम किसानों को उनकी उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर भी उचित दाम दिलवायेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमें हर संभव प्रयास करके अपने पर्यावरण को संरक्षित करना ही होगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस साल हम एक लाख पौधे लगाने जा रहे है। पिछले साल भी 5 जून को एक साथ एक लाख पौधे लगाये गये थे। पिछले साल लगाये गये सभी पौधे जीवित हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग प्रदेश में दुग्ध क्रांति के जरिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने की ओर बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने सहकारिता को समृद्धि का द्वार माना है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सहकारिता के क्षेत्र में नये शिखर पर लेकर जायेंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में हम सब कम से कम एक पौधा लगायें और उन्हें पेड़ बनने तक जीवित रखने के लिए भी जुट जायें।

अपेक्स बैंक के अध्यक्ष (प्रशासक) श्री महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान 2.0 के तहत अपेक्स बैंक ने प्रदेश की 4 हजार 500 से अधिक सहकारी समितियों और 38 जिला बैंकों ने मिलकर एक लाख पौधे एक ही दिन में लगाने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा देश-प्रदेश में ‘आम महोत्सव’ मनाया जा रहा है। पौधरोपण कार्यक्रम के अंत में नाबार्ड बैंक के मध्यप्रदेश रीजन की चीफ जनरल मैनेजर (सीजीएम) सुश्री सी. सरस्वती ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्व पर्यावरण दिवस की स्मृति स्वरूप ‘आम की टोकरी’ भेंट कर अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी.आहूजा, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता के साथ सहकारिता विभाग एवं विभिन्न शीर्ष सहकारी संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे व्यापार एवं निवेश फोरम का शुभारंभ

भोपाल : शुक्रवार, जून 5, 2026,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन्दौर में शनिवार 6 जून को भारत लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन (एलएसी) व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 का शुभारंभ करेंगे। फोरम में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन क्षेत्र के 15 देशों के राजदूत, राजनयिक प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निवेशक शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत और एलएसी देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करना और सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।

फोरम में आयोजित विभिन्न सत्रों में व्यापार एवं निवेश अवसरों, विनिर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी। विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े सत्र में फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, सेवा क्षेत्र के सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, फिनटेक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। कार्यक्रम में निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच बी2बी एवं बी2जी बैठकें भी आयोजित होंगी।

मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर

भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 मध्यप्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक क्षमताओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। फोरम के माध्यम से राज्य में उपलब्ध निवेश-अनुकूल वातावरण, विकसित औद्योगिक अधोसंरचना और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

यह आयोजन मध्यप्रदेश और एलएसी देशों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाने, नए निवेश आकर्षित करने और उद्योगों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच के अवसर सृजित करने में सहायक होगा। फोरम से फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, पर्यटन और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग एवं निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान मिलेगी।

कार्यक्रम में ग्रुलैक के प्रमुख का विशेष उद्बोधन होगा और भारत-एलएसी व्यापार एवं निवेश सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष मंच का शुभारंभ किया जाएगा। विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधि अपने-अपने देशों में उपलब्ध निवेश और व्यापारिक संभावनाओं की जानकारी भी साझा करेंगे।

वन्य जीव संरक्षण क्षेत्र में सफल मॉडल है कूनो नेशनल पार्क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : शुक्रवार, जून 5, 2026,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में दशकों के बाद दुर्लभ वन्य जीव कैराकल (जंगली बिल्ली) की मौजूदगी पर प्रसन्नता व्यक्त की है। इस दुर्लभ बिल्ली की तस्वीरें हाल ही में हुए एक कैमरा ट्रैप सर्वे में सामने आई हैं, जो इस वन क्षेत्र में इसके दोबारा लौटने का संकेत देती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पारिस्थितिक संतुलन और प्रकृति के संरक्षण के महत्व स्मरण करवाता है। जंगली बिल्ली की वापसी न केवल कूनो अंचल में समृद्ध हो रही जैव विविधता तंत्र का प्रमाण है, बल्कि यह राज्य सरकार की नेशनल पार्क में वन्य प्राणियों के संरक्षण की सकारात्मक कोशिशों का भी प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती पर महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीता को क्रियान्वित किए जाने से वन्य जीव संरक्षण क्षेत्र को नई पहचान मिली है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल चीता प्रजाति का पुनर्वास नहीं है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना भी है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में वन क्षेत्रों का संरक्षण और वन्य जीवों की दुर्लभ प्रजातियों की संख्या बढ़ाना भी है। इसके साथ ही वन्य जीवों के लिए सुरक्षित आवास विकसित करने के अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में कूनो नेशनल पार्क एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है और प्रोजेक्ट चीता के सफल क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है।

उज्जैन में मानसून की दस्तक. मौसम हुआ सुहाना, गर्मी से राहत

शहर में रात से हल्की वर्षा

नगर निगम में अनेक रोचक नाटक

सतीगेट सेंटर में रहेगा, दोनों तरफ सडक बनेगी

भाजपा नेता के सभी षड्यंत्र नाकाम

शहर के सभी लाजेस, होटल्स तथा स्टे होम की जांच जरुरी

उज्जैन नगर निगम के अफसरों से जनता के सवाल

कंठाल से छत्री चोक, मार्ग चोडीक्ररण कीकी मान्य डीपीआरहें या नहीं

डीपीआर में , सतीगेट सर्किलयोजना हे या नहीं

सतीगेट के उपर जाने के तीन मार्ग थे, दो तो नजर आये , तीसरा गेट, अफसरों को नजर क्यों नहीं अका रहा?

सतीगेट के दोनोतरफ कितना अतिक्रमण हें जनता को बताये

भाजपा नेता से कोनसी सांठगाँठ हें ?जनता की आवाज क्यों नहीं सुन रहे?

शहर में कितने लाजेस , होटल्स, बिना पार्किंग स्थल ,बिना फायर एनओसी के संच्क्स्हालित हो रहे.कितनो में दो गेट हे या नहीं

सराफे की लाज को ,क्या विशेष छुट दे रखी हें क्या?

सतीगेट सेन्टर में रहेगा या नहीं, और दो तरफ रोड बनेगा या नहीं

भाजपा नेता को जनता सबक सबक सिखा देगी