, आर्थिक मंदी की सुनामी राजनीति और धर्म के पंडो तथा गुंडों का आतंक, देश में आपातकाल, राष्ट्रपति शासन,मोदी सरकार भंग, सदस होगें , देश के केयर टेकर पीएम, मोदी त्याग पत्र देगे , जेल भी जायेगेंदेश में हालात गंभीर,आपातकाल आया , , राष्ट्रपति शास्सं लागू होगा, सदस , देश के केयर टेकर पीएम होगें , मोदी की गिरफ्तारी होगी , जेल जायेगे
कान्च्रोच जनता पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस, मोदी सरकार बेचेंन, मोदी भी त्याग पत्र देगे, गिरफ्तार भी होंगे
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ , सुप्रीम कोर्ट का आदेश ,पद से हटाये जायेगे , और राष्ट्र द्रोह का मुकदमा चलेगा
देश में , पर्ची वाले सीएम पर भी संकट
बंगाल चुनाव , परिणाम तथा सरकार भी अवेध, राष्ट्रपति शासन लगेगा
सांगानेर में ,राजस्थान सीएम शर्मा के खिलाफ ,जनता सडको पर ,हाथ में जुटे चप्पल, भाजपा के बुरे दिन
मोदी , अमित शाह तथा ज्ञानेश गुप्ता गिरफ्तार होंगें
भाजपा का राजनेतिक पंजीतन भी रद्द होगा
दिल्ली तथा केरल में मानसून की दस्तक, १७ राज्यों में तूफ़ान तथा वर्षा की चेतावनी
मानसून , १० से१५%कमजोर रहेगा अन्र्क राज्यों में आफत आयेगी
मानसून , १० से१५%कमजोर रहेगा अन्र्क राज्यों में आफत आयेगी
160 किमी लंबे मेगा कॉरिडोर से मालवा-हाड़ौती की कनेक्टिविटी होगी मजबूत, दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से भी मिलेगा सीधा जुड़ाव
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन और राजस्थान के झालावाड़ के बीच सड़क संपर्क की तस्वीर बदलने जा रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-552जी को फोरलेन बनाने के लिए 2721.72 करोड़ रुपए की लागत वाली महत्वाकांक्षी परियोजना के टेंडर जारी कर दिए हैं। करीब 160 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुगम होगा।
परियोजना को दो पैकेजों में विभाजित किया गया है। पहले पैकेज में खिलचीपुरा गांव से आकली-काड़िया तक 86.5 किलोमीटर सड़क का फोरलेन निर्माण किया जाएगा, जिस पर 1462.19 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं दूसरे पैकेज में आकली-काड़िया से राजस्थान के झालावाड़ स्थित एनएच-52 जंक्शन तक 72.763 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। इस हिस्से की लागत 1259.53 करोड़ रुपए आंकी गई है।
दोनों पैकेज ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर विकसित किए जाएंगे। निर्माण एजेंसियों को कार्य पूरा करने के लिए 730 दिन यानी दो वर्ष का समय दिया जाएगा। इसके बाद पांच वर्षों तक मार्ग के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की होगी।
छह फ्लाइओवर, 115 अंडरपास और बड़े पुल बनेंगे
एनएचएआई की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार पूरे कॉरिडोर पर छह फ्लाइओवर, 115 व्हीकल अंडरपास और कई बड़े पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के सामने भी फ्लाइओवर बनाया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षित कट पॉइंट और आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
वर्तमान में यह मार्ग कई स्थानों पर संकरा और दुर्घटना संभावित है। लगातार होने वाले हादसों के कारण इसे क्षेत्र की “हत्यारी सड़क” के रूप में भी पहचान मिली हुई है।
मध्यप्रदेश में 133 किमी और राजस्थान में 27 किमी सड़क का होगा उन्नयन
परियोजना के तहत मध्यप्रदेश सीमा में लगभग 133 किलोमीटर और राजस्थान सीमा में करीब 27 किलोमीटर सड़क का उन्नयन किया जाएगा। उज्जैन नगर सीमा से घोंसला तक पहले से निर्मित 27 किलोमीटर फोरलेन हिस्से को भी नए डिजाइन और मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
सिंहस्थ यात्रियों और व्यापार दोनों को मिलेगा लाभ
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इस परियोजना को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजस्थान, हाड़ौती और मालवा क्षेत्र से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। फोरलेन निर्माण के बाद उज्जैन, घोंसला, घट्टिया, आगर, सुसनेर और सोयत के बीच यात्रा अधिक तेज और सुरक्षित हो जाएगी।
इसके साथ ही यह मार्ग दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे व्यापार, कृषि उपज परिवहन, धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।
10 जून तक मांगी गई हैं निविदाएं
एनएचएआई ने दोनों पैकेजों के लिए 10 जून 2026 तक ऑनलाइन बिड आमंत्रित की हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसियों का चयन किया जाएगा। सभी प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियां समय पर मिलने पर वर्षाकाल के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
यह परियोजना न केवल सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मजबूती देगी, बल्कि मालवा और हाड़ौती क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
उज्जैन, 3 जून। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदेशभर में 5 जून से प्रारंभ होने वाले राज्य स्तरीय जनकल्याण अभियान की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान पात्र हितग्राहियों तक केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचाया जाए तथा कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।
मुख्य सचिव श्री जैन बुधवार को मंत्रालय से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनकल्याण अभियान केवल योजनाओं के लाभ वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, योग, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को मिलेगी नई गति
मुख्य सचिव ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मध्यप्रदेश ने इस अभियान में देशभर में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था और इस बार भी प्रदेश को अग्रणी बनाए रखने के लिए सुनियोजित रणनीति के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। लगाए जाने वाले पौधों की जियो टैगिंग और क्यूआर कोड आधारित निगरानी भी की जाएगी ताकि उनकी देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान पर रहेगा जोर
अभियान के तहत प्रदेशभर में जल चेतना एवं पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्वच्छता अभियान चलाकर प्लास्टिक एवं ठोस अपशिष्ट की सफाई, जल स्रोतों की स्वच्छता और उनके गहरीकरण के कार्य भी किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए ताकि आमजन की भागीदारी बढ़ सके।
जनकल्याण शिविरों में मिलेगा योजनाओं का लाभ
मुख्य सचिव श्री जैन ने 12 से 18 जून के बीच प्रत्येक विकासखंड में तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों और समाधान एक दिन में दर्ज आवेदनों का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि समय सीमा के भीतर सभी पात्र आवेदकों की समस्याओं का समाधान हो।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और किसी भी पात्र हितग्राही को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने दें।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने की तैयारी
बैठक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने बताया कि योग दिवस के 25 दिन पूर्व खजुराहो से काउंटडाउन शुरू हो चुका है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि जिले की किसी ऐतिहासिक धरोहर, पर्यटन स्थल या विशेष स्थान पर योग कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ने का प्रयास किया जाए।
बैठक में बताया गया कि 14 जून को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए सबसे बड़े ऑनलाइन योग सत्र का आयोजन किया जाएगा। इसमें भाग लेने के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर 1800-315-7008 पर पंजीयन करा सकते हैं। यह योग सत्र सुबह 6:15 बजे से 7:35 बजे तक आयोजित होगा।
प्राकृतिक और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 19 और 20 जून को प्रत्येक जिले में कम से कम दो स्थानों पर प्राकृतिक एवं जैविक खेती विषयक प्रदर्शनी और कार्यशालाओं का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए कृषि विशेषज्ञों और सफल किसानों के अनुभव भी साझा किए जाएं।
21 जून को होगा भव्य योग दिवस आयोजन
अभियान का समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजन के साथ होगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित कर मध्यप्रदेश को योग दिवस आयोजन में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, श्री संजय शुक्ला, श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं उज्जैन स्थित एनआईसी कक्ष में सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि जनकल्याण अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्यावरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर जनभागीदारी को नई दिशा मिले।
आयुष मंत्रालय की पहल, लाखों लोगों को एक साथ योग से जोड़ने का प्रयास
उज्जैन, 3 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। आगामी 14 जून 2026 को दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस विशेष आयोजन में देश और विदेश के लाखों योग साधक, स्वास्थ्य प्रेमी और आम नागरिक एक साथ ऑनलाइन जुड़कर योग करेंगे।
आयुष मंत्रालय के अनुसार यह ऑनलाइन योग सत्र सुबह 6:15 बजे से 7:35 बजे (भारतीय समयानुसार) आयोजित होगा। इस दौरान प्रतिभागी अपने घर, कार्यालय, विद्यालय, कॉलेज या किसी भी स्थान से ऑनलाइन जुड़कर योगाभ्यास कर सकेंगे। आयोजन का उद्देश्य केवल विश्व रिकॉर्ड बनाना ही नहीं, बल्कि योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक शांति और वैश्विक सद्भाव का संदेश देना भी है।
योग के माध्यम से दुनिया को जोड़ने का प्रयास
भारत की प्राचीन योग परंपरा आज विश्वभर में लोकप्रिय हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हर वर्ष लाखों लोग योग कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। इसी कड़ी में इस बार आयुष मंत्रालय ने डिजिटल माध्यम से एक नया कीर्तिमान स्थापित करने का संकल्प लिया है।
मंत्रालय का मानना है कि ऑनलाइन माध्यम के जरिए दुनिया के विभिन्न देशों में रहने वाले लोग एक साथ जुड़ सकते हैं और योग को वैश्विक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। इससे योग के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोगों को स्वस्थ जीवन अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
ऐसे करें पंजीयन
इस विश्व रिकॉर्ड प्रयास में शामिल होने के लिए इच्छुक नागरिकों को 1800-315-7008 नंबर पर मिस्ड कॉल देना होगा। मिस्ड कॉल देने के बाद प्रतिभागियों को व्हाट्सएप पर ऑनलाइन योग सत्र का लिंक भेजा जाएगा।
इस अभियान में व्यक्ति विशेष के साथ-साथ विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, योग संस्थान, सामाजिक संगठन, कॉर्पोरेट संस्थान और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संगठन भी भाग ले सकते हैं।
आयुष मंत्रालय ने की व्यापक भागीदारी की अपील
आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती मोनालिसा दास ने सभी नागरिकों, योग प्रशिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों, कॉर्पोरेट समूहों तथा वेलनेस समुदाय से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री के विजन को मिलेगा बल
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “योग फॉर वन एंड ऑल” के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने और इसे आधुनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।
अधिक जानकारी यहां प्राप्त करें
आयुष मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनें और योग के माध्यम से विश्व रिकॉर्ड बनाने में योगदान दें। आयोजन से संबंधित विस्तृत जानकारी आयुष मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल आयुष मंत्रालय तथा योग पोर्टल पर उपलब्ध है।
14 जून का यह आयोजन न केवल भारत की योग परंपरा को विश्व मंच पर नई पहचान देगा, बल्कि लाखों लोगों को स्वास्थ्य, सकारात्मकता और एकता के सूत्र में भी बांधेगा। योग प्रेमियों के लिए यह इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने काशी विश्वनाथ में किया था ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अवलोकन
भोपाल : शुक्रवार, मई 1, 2026,
श्री काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी के पावन परिसर में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ ने अपनी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक आभा से डिजिटल दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अनूठी पहल ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर 78 लाख 42 हजार 167 से अधिक लोगों तक अपनी डिजिटल रीच दर्ज कराई है।
प्रधानमंत्री के अवलोकन से मिला वैश्विक विस्तार
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के इस संगम का अवलोकन बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद किया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस वैदिक घड़ी को प्राचीन ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत मेल बताया। उनके अवलोकन के बाद सोशल मीडिया पर वैदिक घड़ी को लेकर नया उत्साह देखा गया, जिससे यह देश-विदेश में चर्चा का केंद्र बन गई।
प्रधानमंत्री श्री मोदी के अवलोकन से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चर्चाओं का ऐसा वातावरण तैयार हुआ कि केवल सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से ही लाखों उपयोगकर्ताओं तक इसकी गूँज पहुँची। प्रधानमंत्री श्री मोदी और अन्य आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर आयोजित लाइव स्ट्रीम को 5,933 दर्शकों ने सीधे देखा। साथ ही राष्ट्रीय समाचार चैनलों पर हुए सीधे प्रसारण ने करोड़ों दर्शकों तक इसकी जानकारी पहुँचाई
सोशल मीडिया के माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर हैशटैग #विक्रमोत्सव_वाराणसी भारत के ‘ट्रेंडिंग सेक्शन’ में नंबर 1 स्थान पर काबिज रहा, जो सनातन संस्कृति और भारतीय कालगणना से जुड़े आयोजनों के लिए एक डिजिटल मील का पत्थर है। 16 से अधिक प्रमुख हैशटैग्स को ट्रैक किया गया, जिनमें #Varanasi, #विक्रमादित्य_वैदिक_घड़ी और #Vedic Ghadi जैसे हैशटैग ने लाखों लोगों को आकर्षित किया। इस व्यापक कवरेज ने इस गौरवशाली वैज्ञानिक विरासत को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सांस्कृतिक चेतना का नया संवाहक
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा निर्मित इस घड़ी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सादर भेंट किया गया था। 04 अप्रैल 2026 को स्थापित यह घड़ी भारतीय कालगणना, पंचांग, और ग्रहों की स्थिति जैसी जटिल गणनाओं को सरलता से प्रस्तुत करती है।
भविष्य की योजनाएँ
इस सफल डिजिटल आउटरीच ने सिद्ध कर दिया है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति के वैज्ञानिक आधारों को जानने के लिए उत्सुक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, वाराणसी की सफलता के बाद अब अयोध्या के श्री राम मंदिर सहित देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंग परिसरों में ऐसी वैदिक घड़ियाँ स्थापित करने की योजना है, ताकि भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रकाश जन-जन तक पहुँच सके。
यह न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय काल-चिन्तन को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप (Vikramaditya Vedic Clock)
जिन लोगों को वैदिक घड़ी अपने मोबाइल फोन पर चाहिए तो विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐपवैदिक घड़ी का डिजिटल संस्करण है, जो भारतीय काल गणना (तिथि, नक्षत्र, योग, करण) और 7000 वर्षों का पंचांग दिखाता है। यह ऐप 189+ भाषाओं में उपलब्ध है, जो सूर्योदय-सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और 30 घंटे के समय प्रारूप को Android/iOS पर दिखाता है।
वैदिक घड़ी ऐप की मुख्य विशेषताएं
भारतीय काल गणना: यह ऐप समय को 30 मुहूर्तों में बांटकर दिखाता है, जो सूर्योदय पर आधारित है।
पंचांग विवरण: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, और मास की सटीक जानकारी।
189+ भाषाएँ: यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी सहित 189+ भाषाओं में उपलब्ध है।
शुभ/अशुभ समय: यह दैनिक ‘राहुकाल’, ‘शुभ मुहूर्त’ और ‘चौघड़िया’ की जानकारी देता है
इतिहास: इसमें महाभारत काल से लेकर अब तक के 7000 वर्षों का पंचांग समाहित है।
अलार्म: आप वैदिक समय के अनुसार अलार्म भी सेट कर सकते हैं।
ऐप कैसे डाउनलोड करें?
यह ऐप Google Play Store (Android) पर “Vikramaditya Vedic Clock” नाम से उपलब्ध है।
App Store (iOS/iPhone) से भी इसे डाउनलोड किया जा सकता है।