नीमच प्रोटीन्स को मिली जमीन, बनाएगा खाद्य तेल और प्रोटीन
नीमच : बुधवार, अप्रैल 1, 2026
सुधरेगी स्थानीय किसानों की आर्थिक दशा,स्थानीय लोगों को भी मिलेगा घर के पास काम
नीमच जिले में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में एक और बड़ा निवेश आया है। जिले के नेवड़ क्षेत्र में नीमच प्रोटीन्स (मल्टीवर्स बायोफ्यूल समूह) को करीब 1.65 हेक्टेयर जमीन दी गई है, जहां कंपनी खाद्य तेल और सोया प्रोटीन से जुड़ा नया प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इस परियोजना में लगभग 365 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, और इस करीब 222 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। जिससे जिले में रोजगार और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग किसानों और स्थानीय व्यापार के लिए सीधे फायदे का काम करते हैं, क्योंकि इससे खेती से जुड़े उत्पादों की खपत बढ़ती है और बाजार मजबूत होता है। नीमच प्रोटीन्स की इस फैक्टरी में सोयाबीन जैसे कृषि उत्पादों से खाद्य तेल और प्रोटीन तैयार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पास में ही बेहतर बाजार मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने की स्थिति बनेगी और उनकी आय में सुधार हो सकेगा। कुल मिलाकर किसानों और आम लोगों से जुड़ा यह निवेश नीमच को फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के मैप पर एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महती कदम है।
प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा ट्रांसपोर्ट, पैकिंग, छोटे व्यापार और अन्य सेवाओं में भी काम बढ़ेगा। यानी यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे इलाके में कमाई के नए अवसर तैयार करेगा। स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों और सेवा देने वालों की जरूरत बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इसके साथ ही इलाके में जरूरी सुविधाओं के विकास को भी गति मिलेगी। परिवहन और माल ढुलाई से जुड़े काम बढ़ने से कई लोगों को अतिरिक्त आय के मौके मिलेंगे। कुल मिलाकर, इस निवेश से जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आसपास के क्षेत्रों में भी विकास का असर दिखाई देगा।
छोटे जिलों में बढ़ रहा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर
प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर जिले में ऐसे उद्योग विकसित करना है जो स्थानीय संसाधनों से जुड़े हों। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है, क्योंकि यह सीधे किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं को जोड़ता है।
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के विजन भी यही है कि खेती और उद्योग के बीच सीधा जुड़ाव बढ़ाया जाए। सरकार की मौजूदा औद्योगिक और फूड प्रोसेसिंग नीतियों में इसी पर जोर दिया जा रहा है। इसी का असर है कि अब नीमच जैसे जिलों में भी इस तरह के उद्योग स्थापित हो रहे हैं। पहले इस तरह की इकाइयां बड़े शहरों तक सीमित थीं, लेकिन अब छोटे जिलों में भी निवेश बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है।
एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नीमच में हो रहा यह निवेश किसानों को बेहतर बाजार देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट से नीमच जैसे जिलों में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।






थाना ब्यावरा सिटी पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर 2 आरोपियों से 15 मोटरसाइकिलें जप्त कीं। वहीं थाना सुठालिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार दोनों कार्यवहियों में पुलिस ने चोरी किए गए कुल 25 वाहन बरामद किए हैं।रतलाम
पुलिस मुख्यालय से सेवानिवृत्तमानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा श्री रामनिवास यादव, कार्यवाहक सहायक अधीक्षक प्रशासन शाखा श्री दिनेश पाटिल, कार्यवाहक सूबेदार (एम) एससीआरबी श्री चन्द्रप्रकाश शर्मा, कार्यवाहक सूबेदार (एम) शिकायत शाखा श्री महेश जयसिंघानी, कार्यवाहक आंकिक/सूबेदार (एम) प्रबंध शाखा श्री प्रकाश तोलानी, सहायक उप निरीक्षक महिला सुरक्षा शाखा श्री विजय सिंह ठाकुर, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक विशेष शाखा श्रीमती शोभा शर्मा, प्रधान आरक्षक एससीआरबी श्री गणपत राव शिन्दे तथा कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अजाक शाखा श्री शिवशंकर भदौरिया को पुलिस मुख्यालय परिवार ने मंगलवार को भावभीनी विदाई दी।
पर केवल डायल-112 के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल दर्ज कराई जा सकती है। इस एकीकृत प्रणाली की उपयोगिता एवं प्रभावशीलता को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे बच्चों में जागरूकता एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।
वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल टिंकलिंग लैब, रोबोटिक लैब, व्यावसायिक शिक्षा और आईसीटी लैब के स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर पर “स्कूल चले हम” अभियान पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ नि:शुल्क साइकिल प्राप्त करने वाले स्कूली बच्चों का ग्रुप फोटो भी लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया।
हजार क्षमता वाले 1913 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। अनुसूचित जनजातीय कार्य विभाग के 25 हजार 439 विद्यालयों में आज 20 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या अधिक अंक अर्जित करने वाले 94 हजार 306 मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क लैपटॉप वितरित किये गए। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट में लैपटॉप के लिए 250 करोड़ रुपए, स्कूटी के लिए 100 करोड़ रूपए और साइकिल वितरण के लिए 210 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बोर्ड परीक्षा के स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात दी जा रही है।