फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में नीमच की एक और छलांगः 365 करोड़ के निवेश से 222 लोगों को मिलेगा रोजगार

नीमच प्रोटीन्स को मिली जमीन, बनाएगा खाद्य तेल और प्रोटीन

नीमच : बुधवार, अप्रैल 1, 2026

सुधरेगी स्थानीय किसानों की आर्थिक दशा,स्थानीय लोगों को भी मिलेगा घर के पास काम

नीमच जिले में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में एक और बड़ा निवेश आया है। जिले के नेवड़ क्षेत्र में नीमच प्रोटीन्स (मल्टीवर्स बायोफ्यूल समूह) को करीब 1.65 हेक्टेयर जमीन दी गई है, जहां कंपनी खाद्य तेल और सोया प्रोटीन से जुड़ा नया प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इस परियोजना में लगभग 365 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, और इस करीब 222 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। जिससे जिले में रोजगार और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। 

       फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग किसानों और स्थानीय व्यापार के लिए सीधे फायदे का काम करते हैं, क्योंकि इससे खेती से जुड़े उत्पादों की खपत बढ़ती है और बाजार मजबूत होता है। नीमच प्रोटीन्स की इस फैक्टरी में सोयाबीन जैसे कृषि उत्पादों से खाद्य तेल और प्रोटीन तैयार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पास में ही बेहतर बाजार मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने की स्थिति बनेगी और उनकी आय में सुधार हो सकेगा। कुल मिलाकर किसानों और आम लोगों से जुड़ा यह निवेश नीमच को फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के मैप पर एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महती कदम है। 

     प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा ट्रांसपोर्ट, पैकिंग, छोटे व्यापार और अन्य सेवाओं में भी काम बढ़ेगा। यानी यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे इलाके में कमाई के नए अवसर तैयार करेगा। स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों और सेवा देने वालों की जरूरत बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इसके साथ ही इलाके में जरूरी सुविधाओं के विकास को भी गति मिलेगी। परिवहन और माल ढुलाई से जुड़े काम बढ़ने से कई लोगों को अतिरिक्त आय के मौके मिलेंगे। कुल मिलाकर, इस निवेश से जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आसपास के क्षेत्रों में भी विकास का असर दिखाई देगा।  

छोटे जिलों में बढ़ रहा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर

      प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर जिले में ऐसे उद्योग विकसित करना है जो स्थानीय संसाधनों से जुड़े हों। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है, क्योंकि यह सीधे किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं को जोड़ता है।                                            

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के विजन भी यही है कि खेती और उद्योग के बीच सीधा जुड़ाव बढ़ाया जाए। सरकार की मौजूदा औद्योगिक और फूड प्रोसेसिंग नीतियों में इसी पर जोर दिया जा रहा है। इसी का असर है कि अब नीमच जैसे जिलों में भी इस तरह के उद्योग स्थापित हो रहे हैं। पहले इस तरह की इकाइयां बड़े शहरों तक सीमित थीं, लेकिन अब छोटे जिलों में भी निवेश बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है।

       एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नीमच में हो रहा यह निवेश किसानों को बेहतर बाजार देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट से नीमच जैसे जिलों में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।

जिला पंचायत सीईओ द्वारा लसूडिया ईस्तमुरार के पंचायत सचिव निलंबित

नीमच : बुधवार, अप्रैल 1, 2026,

जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव द्वारा म.प्र.पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम-1999 के तहत ग्राम पंचायत लसुडिया ईस्तमुरार के सचिव श्री गुरुदत्त बैरागी को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत मनासा जिला-नीमच नियत किया गया है और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

     इस संबंध में जारी आदेश अनुसार ग्राम पंचायत लसुडिया इसतमुरार के सचिव श्री गुरुदत्त बैरागी ने पंचायत मुख्यालय पर छः बार उपस्थित हुए हैं, लेकिन पंचायत का कोई कार्य नहीं किया और एच.पी.वी. टीकाकरण कार्यक्रम में भी अनुपस्थित रहे।

शासकीय कार्यों में लापरवाही: वे पंचायत के शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतते हैं, जिससे योजनाओं की समीक्षा नहीं हो पा रही है और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण नहीं किया जा रहा।श्री बैरागी सचिवों की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहे। वे सचिव/सहायक सचिवों की समीक्षा बैठक में बिना सक्षम स्वीकृति के अनुपस्थित रहते हैं।

पूर्व में निलंबित: पूर्व में भी ग्राम पंचायत पड़दा पर बिना सूचना के मुख्यालय पर अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित किए जा चुके हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया।

     अतः जिला पंचायत के सीईओ ने ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनासा की अनुशंसा पर श्री गुरुदत्त बैरागी को म.प्र.पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम-1999 के तहत निलंबित करने का आदेश जारी किया है ।

प्राथमिक विद्यालय ढोलपुरा में प्रवेश उत्सव आयोजित

नीमच : बुधवार, अप्रैल 1, 2026,

शासकीय प्राथमिक विद्यालय ढोलपुरा में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। इस अवसर पर कक्षा प्रथम में 6 नवीन विद्यार्थियों का प्रवेश कराया गया। नवप्रवेशित सभी बच्चों का तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया। साथ ही बच्चों के हस्तकमल (हैंडप्रिंट) बनवाए गए तथा उन्हें स्लेट एवं पुस्तकें भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

    इस अवसर पर  सरपंच श्री भोपाल सिंह अहीर, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री परशराम  अहीर, श्री दीपक प्रजापत, श्री शंभूलाल शर्मा, श्री राहुल अहीर, श्री शालिग्राम भील सहित बड़ी संख्या में अभिभावको ने उपस्थित होकर अपने बच्चों का प्रवेश शासकीय विद्यालय में कराया।

     विद्यालय का इस वर्ष का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा है तथा 2 विद्यार्थियों का चयन नवोदय विद्यालय में हुआ है, जिससे प्रेरित होकर भविष्य में और अधिक प्रवेश होने की संभावना है। कार्यक्रम का संचालन श्री अनिल परमार (शिक्षक) दने किया एवं आभार विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री सिद्धूलाल पुरोहित ने व्यक्त किया।

मानसून पूर्व मेंटिनेंस कार्यों का एसई और सीई करें निरीक्षण : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर

भोपाल : बुधवार, अप्रैल 1, 2026

मानसून पूर्व वितरण ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाईनों के मेंटिनेंस कार्यों का निरीक्षण एसई और सीई नियमित रूप से करें। बेहतर मेंटिनेंस होने पर ट्रिपिंग की समस्या दूर होगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश बुधवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि मेंटिनेंस के दौरान गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करें। सामग्री के उपयोग से पहले उसका लैब में परीक्षण भी होना चाहिए।

मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना की अवधि 15 मई तक बढ़ा दी गई है। सभी बड़े एवं छोटे बकायदारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर योजनांतर्गत वसूली की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि पहले बड़े बकायदारों से वसूली की कार्यवाही करें। वसूली की कार्यवाही अप्रैल माह से ही प्रारंभ कर दें। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा करें। गलत बिजली बिलों में सुधार तुरंत होना चाहिए। जहां पर स्टाफ की ज्यादा कमी है, वहां पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेने की कार्ययोजना बनाएं।

मंत्री श्री तोमर ने कहा कि आगामी सीजन में मूंग की फसल को ध्यान में रखते हुए पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवरलोडिंग एवं विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले एवं ओएसडी श्री विजय गौर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएमटीसी पोर्टल से ग्रामीण सेवा प्रबंधन होगा डिजिटल

एसआरएलएम में सीएमटीसी सेवाओं की बुकिंग एवं प्रबंधन को मिला केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म

भोपाल : बुधवार, अप्रैल 1, 2026

ग्रामीण सेवाओं के प्रभावी प्रबंधन और डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कम्युनिटी मैनेज्ड ट्रेनिंग सेंटर सीएमटीसी पोर्टल शुरू किया गया है।यह पोर्टल मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन (एसआरएलएम) के लिए तैयार किया गया यह पोर्टल सीएमटीसी सेवाओं की बुकिंग और प्रबंधन के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा। इससे सेवा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता और कार्यकुशलता सुनिश्चित होगी।

सीएमटीसी पोर्टल के माध्यम से उपयोगकर्ताओं का व्यवस्थित पंजीयन, रोल बेस्ड एक्सेस कंट्रोल और ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बुकिंग और अनुमोदन की स्वचालित व्यवस्था संभव हो सकेगी। इससे मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी, प्रक्रियागत त्रुटियों में कमी आएगी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। पोर्टल में स्वचालित सूचना प्रणाली और डिजिटल अनुमोदन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित संवाद सुनिश्चित हो सकेगा।

प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास में तकनीक के अधिकतम उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। डिजिटल पहल से न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता सुदृढ़ होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण प्रणाली भी अधिक जवाबदेह, सुलभ और प्रभावी बनेगी। यह पहल मध्यप्रदेश को तकनीक आधारित सुशासन, नवाचार और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मध्यप्रदेश पुलिस की वाहन चोरों पर प्रभावी कार्यवाही

विगत एक माह में 109 चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद

भोपाल : बुधवार, अप्रैल 1, 2026, मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में वाहन चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु लगातार सख्त एवं सुनियोजित कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी क्रम में विगत एक माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन चोरों के गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए 109 चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।जबलपुर

थाना माढोताल पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर एवं वाहन काटने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जबलपुर एवं रायपुर (छत्तीसगढ़) से चोरी किए गए 15 वाहन जप्त किए। इसी प्रकार थाना लाडगंज पुलिस ने 2 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 वाहन बरामद किए, जबकि थाना पाटन पुलिस द्वारा एक आरोपी को गिरफ्तार कर 7 दोपहिया वाहन जप्त किए गए। इस प्रकार तीनों कार्यवाहियों में पुलिस ने चोरी किए गए 34 दुपहिया वाहन बरामद किए हैं।राजगढ़

थाना ब्यावरा सिटी पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर 2 आरोपियों से 15 मोटरसाइकिलें जप्त कीं। वहीं थाना सुठालिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार दोनों कार्यव‍हियों में पुलिस ने चोरी किए गए कुल 25 वाहन बरामद किए हैं।रतलाम

रतलाम पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 09 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इस कार्रवाई में 1 मुख्य आरोपी एवं 3 बाल अपचारियों को पकड़ा।

वहीं थाना स्टेशन रोड पुलिस ने भी 4 मोटरसाइकिलें बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार कुल 13 मोटरसाइकिलें बरामद की गई।

अन्य जिलों में भी की गई कार्यवाही

बैतूल जिले में भैंसदेही पुलिस द्वारा अंतर्राज्यीय वाहन चोरो को गिरफ्तार कर 10 मोटरसाइकिलें, खरगोन पुलिस ने 7 मोटरसाइकिल, ग्वालियर जिले में 5 वाहन, गुना जिले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 मोटरसाइकिलें, शिवपुरी जिले में 4,मंदसौर जिले में 3 मोटरसाइकिलें तथा शाजापुर एवं कटनी जिलों में 2-2 मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इन सभी कार्यवाहियों में पुलिस की तत्परता, तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग एवं प्रभावी समन्वय प्रमुख रूप से सामने आया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी जैसे अपराधों पर नियंत्रण हेतु सतत अभियान जारी है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा नौसेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को भावभीनी विदाई

पुलिस महानिदेशक ने सभी को स्‍मृतिचिन्‍ह भेंट किए

भोपाल : मंगलवार, मार्च 31, 2026 पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह मार्चमें सेवानिवृत्‍तनौकर्मचारियों कोपुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा नेमंगलवार को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने सभी को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍नस्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये।

नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंसहॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशकश्री आदर्श कटियार, श्री अनिल कुमार, श्री आशुतोष राय, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक श्री जयदीप प्रसाद,पुलिस महानिरीक्षक श्री हरिनारायणचारी मिश्र, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री तरूण नायक एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे।

पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍तमानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा श्री रामनिवास यादव, कार्यवाहक सहायक अधीक्षक प्रशासन शाखा श्री दिनेश पाटिल, कार्यवाहक सूबेदार (एम) एससीआरबी श्री चन्‍द्रप्रकाश शर्मा, कार्यवाहक सूबेदार (एम) शिकायत शाखा श्री महेश जयसिंघानी, कार्यवाहक आंकिक/सूबेदार (एम) प्रबंध शाखा श्री प्रकाश तोलानी, सहायक उप निरीक्षक महिला सुरक्षा शाखा श्री विजय सिंह ठाकुर, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक विशेष शाखा श्रीमती शोभा शर्मा, प्रधान आरक्षक एससीआरबी श्री गणपत राव शिन्‍दे तथा कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अजाक शाखा श्री शिवशंकर भदौरिया को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने मंगलवार को भावभीनी विदाई दी।

सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती अंशुमान अग्रवाल ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।

सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल

बचपन संस्था के बच्चों एवं युवाओं को कराया गया डायल-112 का भ्रमण

भोपाल : बुधवार, अप्रैल 1, 2026 मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित सृजन अभियान के अंतर्गत सामुदायिक पुलिस सुरक्षा योजना के तहत कमजोर वर्ग की बस्तियों के किशोरों एवं युवाओं को पुलिस की कार्यप्रणाली एवं जन सुरक्षा व्यवस्थाओं से परिचित कराने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

इसी क्रम में दिनांक 31 मार्च 2026 को निवसीद बचपन संस्था द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से बाबा नगर भोपाल स्थित बचपन संस्था के बच्चों एवं युवाओं के लिए डायल-112 का भ्रमणकराया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को एकीकृत आपातकालीन सेवा प्रणाली की जानकारी देना एवं विभिन्न आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बच्चों को सरल एवं सहज भाषा में बताया कि अब अलग-अलग परिस्थितियों के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों—108 (स्वास्थ्य), 101 (अग्निशमन), 1930 (साइबर क्राइम), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) एवं 139 (रेलवे सहायता)पर कॉल करने के स्थान पर केवल डायल-112 के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल दर्ज कराई जा सकती है। इस एकीकृत प्रणाली की उपयोगिता एवं प्रभावशीलता को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे बच्चों में जागरूकता एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 112 पर प्राप्त प्रत्येक कॉल के आधार पर तत्काल एक इवेंट तैयार किया जाता है, जिसमें घटना का प्रकार, स्थान एवं आवश्यक सहायता का विवरण दर्ज किया जाता है। इसके पश्चात संबंधित पुलिस वाहन, एम्बुलेंस या फायर यूनिट को तुरंत मौके से जोड़ा जाता है, जिससे समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता सुनिश्चित होती है। बच्चों ने इस प्रक्रिया को बड़े उत्साह एवं रुचि के साथ समझा।

बच्चों को कंट्रोल रूम का भ्रमण भी कराया गया, जहाँ उन्हें लाइव कॉल हैंडलिंग, तकनीकी उपकरणों का संचालन, लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम, इवेंट मैनेजमेंट एवं वाहन ट्रैकिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए तथा उन्हें यह भी बताया गया कि आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग एवं झूठी सूचना देने के गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने एवं समाज के कमजोर वर्गों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का बढ़ा आकर्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : बुधवार, अप्रैल 1, 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के विकास के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कदम से कदम मिलाकर चल रही है। प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक “स्कूल चले हम” अभियान चलेगा और बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य करने पर स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों में कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे वर्ष 2025-26 में कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में भी 32.4 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। यह शासकीय स्कूलों पर बढ़ते विश्वास का परिचायक है। राज्य सरकार ने मौजूदा सत्र में स्कूलों में 1 करोड़ 45 लाख नामांकन करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है, जो देश में सबसे अच्छे स्कूल हैं। मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पीएमश्री स्कूल भी आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में महती भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपाल में राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बच्चों को नि:शुल्क साइकिलें और पाठ्य पुस्तकें वितरित कीं एवं उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने साईकिलों की घंटियां बजाकर किया अभिवादन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर विद्यार्थियों ने साइकिल की घंटियां बजाकर और स्काउट गाइड दल ने वाद्य यंत्रों पर सुमधुर धुनों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में शामिल विद्यार्थियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल टिंकलिंग लैब, रोबोटिक लैब, व्यावसायिक शिक्षा और आईसीटी लैब के स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर पर “स्कूल चले हम” अभियान पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ नि:शुल्क साइकिल प्राप्त करने वाले स्कूली बच्चों का ग्रुप फोटो भी लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया।

बच्चे पढ़-लिखकर बनें डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “स्कूल चले हम” अभियान बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। प्रदेश के सभी 55 जिलों के प्रत्येक गांव का एक-एक बच्चा स्कूल में प्रवेश ले रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। प्रदेश में बड़े पैमाने पर शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का आकर्षण बढ़ा है। इनमें ड्रॉप आउट खत्म करने के लिए शिक्षकों के साथ समाज के हर वर्ग ने संकल्प के साथ मेहनत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए नि:शुल्क साइकिलें वितरित की गई हैं। आगामी 3 से 4 महीने तक शासकीय स्कूलों के 4 लाख बच्चों को साइकिलें मिलेंगी। विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क गणवेश, किताबें और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। हमारे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी बनें, उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 76 हजार 325 शिक्षकों की समय पर नियुक्ति की गई।

मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूल टॉपर को मिल रही है स्कूटी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 49 किताबें हिंदी और स्थानीय भाषा में तैयार कर जनजातीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों को वितरित की जा रही हैं। प्रदेश में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1913 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। अनुसूचित जनजातीय कार्य विभाग के 25 हजार 439 विद्यालयों में आज 20 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या अधिक अंक अर्जित करने वाले 94 हजार 306 मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क लैपटॉप वितरित किये गए। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट में लैपटॉप के लिए 250 करोड़ रुपए, स्कूटी के लिए 100 करोड़ रूपए और साइकिल वितरण के लिए 210 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बोर्ड परीक्षा के स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात दी जा रही है।

प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की प्रवेश दर में हुई बढ़ोतरी

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज का दिन स्कूल शिक्षा विभाग के लिए दीवाली जैसा है। हम सभी स्कूली बच्चों का विद्यालयों में स्वागत कर रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की प्रवेश दर में वृद्धि हुई है। अब तक 1 करोड़ बच्चों का नामांकन किया जा चुका है। पहली कक्षा से लेकर हाईस्कूल और हायर सेकेंड्री क्लास तक बच्चों का नामांकन किया जा रहा है। स्कूली विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलें और पुस्तकें वितरित की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाए जाएं, जहां शासकीय के साथ निजी स्कूलों के बच्चों को भी पाठ्यपुस्तक निगम की सस्ती पुस्तकों का लाभ मिल सके। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था सशक्त हुई है। विद्यार्थियों के पास अपना भविष्य सुरक्षित करते हुए आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर है।

कार्यक्रम में खेल एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, श्री रवींद्र यती, सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, आयुक्त श्रीमती शिल्पा गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षक गण उपस्थित थे।

कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर-उज्जैन तथा उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग निर्माण को मिला अनुमोदन
पश्चिम भोपाल बायपास का परिवर्तित एलाइनमेंट अनुमोदित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास‍निगम के संचालक मंडल की हुई बैठक

भोपाल : बुधवार, अप्रैल 1, 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” के विचार को सार्थक करते हुए किसान हित में अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क संग्रहण से छूट रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल कटाई में प्रयुक्त होने वाला कंबाइन हार्वेस्टर आवश्यक कृषि उपकरण है। टोल मार्गों पर टोल छूट दिए जाने से हार्वेस्टर की परिवहन लागत में कमी आएगी। जिसका सकारात्मक प्रभाव कृषि उपज के मूल्य पर होगा, यह निर्णय कृषकों के लिए हितकर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के नॉन एक्सेस कंट्रोल परियोजना के रूप में निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। संचालक मंडल ने पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को अनुमोदन प्रदान कर निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। बैठक में वार्षिक लेखों तथा अन्य प्रबंधकीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ तथा निर्णय लिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन श्री संदीप यादव तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम श्री भरत यादव उपस्थित थे।