उज्जैन सड़क चौड़ीकरण: शाही सवारी से पहले सती गेट, खड़े हनुमान और गणपति प्रतिमा बनी चुनौती

उज्जैन। उज्जैन शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य को लेकर कई सवाल और चुनौतियां सामने आ रही हैं। विशेष रूप से आगामी शाही सवारी के मार्ग को लेकर प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के सामने समय पर सड़क निर्माण पूरा करने की चुनौती बताई जा रही है। वीडियो वक्तव्य में सती गेट पर प्रस्तावित सर्किल, सड़क की चौड़ाई, धार्मिक स्थलों के आसपास निर्माण कार्य और अन्य तकनीकी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया है।

सती गेट पर सर्किल और सड़क चौड़ाई का मुद्दा

वीडियो में दावा किया गया है कि सती गेट पर सर्किल बनाए जाने और सड़क को निर्धारित चौड़ाई तक विकसित किए जाने की योजना थी, लेकिन कार्य अभी तक अपेक्षित स्वरूप में पूरा नहीं हुआ है। वक्ता ने सवाल उठाया कि शाही सवारी के बाद सड़क की वास्तविक चौड़ाई कितनी होगी और क्या मूल डीपीआर के अनुसार निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

वक्ता ने सड़क चौड़ीकरण में कथित बाधाओं और स्थानीय स्तर पर लिए गए निर्णयों की जांच की भी मांग की है।

नालियों और निर्माण की एकरूपता पर सवाल

सड़क चौड़ीकरण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बन रही नालियों और निर्माण कार्य की एकरूपता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। वीडियो में कहा गया है कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य निर्धारित डिजाइन के अनुरूप नहीं दिखाई दे रहा है और इसमें सुधार की आवश्यकता है।

खड़े हनुमान प्रतिमा को लेकर तकनीकी चुनौती

सड़क चौड़ीकरण मार्ग में स्थित खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को लेकर भी महत्वपूर्ण तकनीकी चुनौती सामने आने की बात कही गई है। वीडियो वक्तव्य के अनुसार प्रतिमा पत्थर की बजाय सीमेंट, बालू और चूने जैसी सामग्री से निर्मित बताई गई है, जिसके कारण उसे हटाने के दौरान क्षति पहुंचने की आशंका व्यक्त की गई है।

वक्ता ने सुझाव दिया कि प्रतिमा के आसपास संरचना विकसित कर मार्ग निर्माण का समाधान निकाला जा सकता है। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रतिमा को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने अथवा नई प्रतिमा स्थापित करने जैसे सुझाव भी रखे गए हैं।

गणपति प्रतिमा को हटाने और मार्ग निर्माण की चुनौती

वीडियो में रक्षाली क्षेत्र की गणपति प्रतिमा का भी उल्लेख किया गया है। वक्ता के अनुसार, संबंधित पुजारी द्वारा प्रतिमा को सम्मानपूर्वक स्थानांतरित करने की सहमति जैसी संभावना बताई गई थी, जिससे सड़क निर्माण कार्य को गति मिल सकती थी।

वक्ता का कहना है कि यदि गणपति प्रतिमा और खड़े हनुमान प्रतिमा से संबंधित समस्याओं का समय रहते समाधान हो जाता है तो शाही सवारी का मार्ग तैयार करने में आसानी हो सकती है। वीडियो में प्रशासन, नगर निगम और ठेकेदार द्वारा संयुक्त रूप से कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

शहर में जन्माष्टमी और नंदोत्सव की भी रही धूम

वीडियो में शहर में जन्माष्टमी और नंदोत्सव के आयोजन का भी उल्लेख किया गया है। वक्ता के अनुसार, जन्माष्टमी के अवसर पर शहर का माहौल कृष्णमय रहा और विभिन्न मंदिरों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा धार्मिक आयोजन किए गए।

समय पर समाधान की उम्मीद

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण कार्य और शाही सवारी मार्ग की तैयारियों को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण से जुड़ी तकनीकी और स्थानीय समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी किया जाता है। शाही सवारी के महत्व को देखते हुए प्रशासन के सामने सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित मार्ग तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है।

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