उज्जैन। उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र में MBBS एडमिशन दिलाने के नाम पर 4.25 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जालसाजों ने खुद को कटिहार मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल बताकर पीड़ित को झांसे में लिया और फर्जी दस्तावेज भेजकर रकम ऐंठ ली। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल
मंछामन गणेश नगर निवासी सतीश चंद्र पटेल (47) के अनुसार, 15 फरवरी को उन्हें उनके रिश्तेदार के माध्यम से जानकारी मिली कि बिहार के कटिहार मेडिकल कॉलेज में MBBS की एक सीट खाली है।
इसके बाद उन्होंने एक कथित प्रोफेसर के जरिए दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को कॉलेज का प्रिंसिपल “आर.बी. गुप्ता” बताया और कहा कि एक छात्र की मृत्यु के कारण सीट खाली हुई है।
फीस जमा करने का दबाव, निजी खाते में मांगे रुपए
आरोपी ने एडमिशन के नाम पर तुरंत फीस जमा करने का दबाव बनाया और कॉलेज व निजी बैंक खातों की जानकारी भेजी। जालसाज ने यह भी दावा किया कि जिस छात्र की मृत्यु हुई है, उसी के खाते में राशि जमा करने से सीट ट्रांसफर हो जाएगी।
पीड़ित ने भरोसा कर 15 से 17 फरवरी के बीच अपने और परिजनों के खातों से कुल 4.25 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
फर्जी दस्तावेजों से जीता भरोसा
ठगों ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए—
- नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) का फर्जी लेटर
- कथित प्रिंसिपल का नकली आईडी कार्ड
- छात्र का फर्जी अलॉटमेंट लेटर
- कॉलेज आईडी कार्ड
व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भेजे। इन दस्तावेजों को असली मानकर पीड़ित ठगी का शिकार हो गया।
कॉलेज पहुंचने पर खुला राज
19 फरवरी को जब पीड़ित स्वयं कटिहार स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचा, तो असली प्रिंसिपल ने साफ कर दिया कि—
- उनके नाम से किया गया संपर्क फर्जी है
- कॉलेज में कोई सीट खाली नहीं है
- इस तरह की धोखाधड़ी पहले भी सामने आ चुकी है
यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पश्चिम बंगाल और बिहार से जुड़े तार
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए, उनमें से एक खाता पश्चिम बंगाल के व्यक्ति के नाम पर है।
नीलगंगा थाना पुलिस मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है। मामले में पश्चिम बंगाल और बिहार से जुड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस जांच जारी
थाना प्रभारी तरुण कुरील के अनुसार, FIR दर्ज कर साइबर ठगी के इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
सावधान रहें: ऐसे बचें एडमिशन ठगी से
- किसी भी एडमिशन के लिए सीधे कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से पुष्टि करें
- निजी खातों में फीस ट्रांसफर करने से बचें
- फर्जी कॉल और ईमेल से सावधान रहें
- संदिग्ध मामलों में तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें



